गंजेपन की है समस्याओं से छुटकारा पायें – Baldness Problems Natural Cureness

गंजेपन की समस्या (Baldness Problems ) इन दिनों आम बात हो गयी ही, ज्यादात ये समस्या पुरूषों में अधिक देखने को मिलती है, जिसके कारण बहुत से पुरूष तनावग्रस्त और बहुत ही अपने आप को अपमान जनक महसूस करते है । 

पुरुषों में गंजापन, जिसे एँडरोजेनिक अलोपीशीया (androgenic alopecia) भी कहते हैं। भारत में अधिकतर लोग इस तरह के गंजेपन  से ग्रसित हैं।  

पुरुषों में गंजपेन होने के कारण –  Causes of Baldness  in males 

मानसिक तनाव – किसी भी प्रकार का शारीरिक आघात (Physical Trauma), सर्जरी, कोई दुर्घटना या कोई गंभीर बीमारी अस्थायी रूप से बाल झड़ने का कारण बन सकती है। किसी प्रकार के आघात के 3 से 6 महीने बाद बाल झड़ना ध्यान आने योग्य (Noticeable) समस्या हो जाती है। जैसे ही शरीर ठीक होने लगता है, बाल फिर से उगने लगते हैं।

गर्भावस्था – गर्भावस्था दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं। गर्भावस्था के दिनों के मुकाबले शिशु के जन्म लेने के बाद बाल झड़ना और अधिक आम बात हो जाती है। (और पढ़ें – गर्भावस्था के लक्षण)

प्रोटीन की कमी – यदि आहार में प्रोटीन की कमी हो जाती है, तो शरीर बालों की वृद्धि रोककर शरीर में बची प्रोटीन को बचाने की कोशिश करता है। यह प्रोटीन सेवन में कमी होने के दो या तीन महीने के बाद होने लगता है।

पुरुषों में गंजापन – 60 साल की उम्र के बाद 3 में से लगभग 2 पुरुषों को गंजेपन की समस्या हो जाती है, ज्यादातर बार पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या पुरुष पैटर्न गंजापन (Male Pattern Baldness) के कारण होती है। इस तरह से गंजेपन की समस्या, जीन और हार्मोन के संयोजन के कारण भी होती है, आम तौर पर इसमें बाल एक क्लासिक पैटर्न में झड़ते हैं, जिसमें कान और माथे के बीच के हिस्सों (Temple) के बाल झड़ने लगते हैं।

महिलाओं में हार्मोन – गर्भनिरोधक गोलियां अचानक से छोड़ देना या बदलना अक्सर हार्मोन में बदलाव का कारण बनता है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं और अगर परिवार में गंजेपन की बीमारी पहले से ही हो तो इसकी संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती हैं। रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल संतुलन में परिवर्तन के कारण भी बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है।

विटामिन बी की कमी – शरीर में विटामिन बी की कमी होना भी गंजेपन का एक कारण है।

एलोपीशिया (Alopecia) – यह एक अचानक से शुरू होने वाली स्थिति होती है, जो बच्चों और किशोरों में बाल झड़ने का कारण बनती है। इसमें अक्सर खोपड़ी के कुछ-कुछ हिस्सों में पूरी तरह से बाल उड़ जाते हैं, जिससे धब्बे दिखाई देते हैं। इस स्थिति में कई बार पूरी तरह से गंजापन भी आ जाता है, लेकिन इस समस्या से जुड़े 90% लोगों के बाल कुछ सालों में फिर से उग आते हैं। इस स्थिति में बालों के फिर से उगने और फिर से झड़ने का क्रम अप्रत्याशित हो सकता है।

खोपड़ी में संक्रमण – दाद (Ringworm) जैसे संक्रमण खोपड़ी की त्वचा और बालों पर हमला करते हैं, जिस कारण से त्वचा पर परतदार दाद बनने लगते हैं और बाल झड़ने लगते हैं। जब संक्रमण का इलाज हो जाता है, सामान्यत: बाल भी वापस उगने लगते हैं। (और पढ़ें – दाद के घरेलू उपाय)

अचानक से वजन घटना – शरीर का अचानक से वजन घटना शारीरिक आघात (Physical Trauma) का एक रूप होता है, जो बालों को पतला व कमजोर बना देता है। बाल झड़ने के साथ-साथ मुख्य रूप से वजन घटना, एनोरेक्सिया (Anorexia) या बुलीमिया (Bulimia) जैसे आहार विकारों का संकेत भी हो सकता है।

कीमोथेरेपी (Chemotherapy) – कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ प्रकार की दवाएं (जैसे- कीमोथेरेपी), बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। कीमोथेरेपी बंद होने के बाद बाल फिर से उगने और बढ़ने लगते हैं।

कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट – कुछ प्रकार की दवाएं हैं जो गंजेपन का कारण बन सकती हैं। इनमें में कुछ सबसे सामान्य दवाएं जैसे ब्लड प्रेशर और खून को पतला करने की दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही साथ संभावित रूप से कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स (Antidepressants) दवाएं भी शामिल हो सकती हैं।

बाल खींचने की आदत – कुछ लोगों को अपने ही बाल नोंचने की आदत होती है और वे अपनी आदत से मजबूर होते हैं। जैसे कुछ लोग टीवी देखते या खेलते समय अपने बाल नोंचने रहते है (हारने की चिंता की स्थिति में)। लगातार खेलने और बाल खींचने की आदत बाल झड़ने का एक महत्वपूर्ण कारण बन सकती है। यह आदत पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होती है।

उम्र बढ़ना – महिलाओं में 60 साल के बाद बालों का कमजोर होना और झड़ना बहुत ही सामान्य होता है।

गंजपेन के शिकार हैं तो ये तरीके करेंगे फायदा

कुछ लोगों में खासकर पुरुषों में गंजेपन की काफी परेशानी होती है। कुछ तरीके हैं जो गंजेपन की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकते हैं।

  • Hibiscus यानि जसवंत के फूल किसी भी तरह की बालों की समस्या के लिए काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। इसके लिए जसंवत के फूलों को नारियल के तेल में तब तक पकाएं जब तक कि तेल का रंग काला ना पड़ जाए। अब इस तेल को ठंडा कर बालों में जड़ों तक लगाएं। रोजाना इस तेल से सिर की मालिश करें, बालों को झड़ना रुक जाएगा और बालों से संबंधित हर तरह की समस्या खत्म हो जाएगी।
  • गंजेपन की समस्या में धनिया भी काफी हद तक फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए हरा धनिया पीसें और उसे सिर पर लगाएं। इससे गंजापन काफी हद तक दूर हो जाएगा।
  • बिना छिलके वाली उड़द की दाल को भी गंजापन दूर करने में काफी प्रभावशाली माना गया है। इसके लिए बिना छिलके वाली उड़द की दाल को रात भर के लिए भिगोकर रख दें। अगले दिन उसे पीसकर रात को सोने से पहले बालों में लगा लें। सुबह उठकर सिर को अच्छी तरह से धो लें। रोजाना ऐसा करें या हफ्ते में 2 या 3 दिन भी करेंगे तो चलेगा। कुछ ही वक्त में गंजेपन से निजात मिलेगी।
  • पौष्टिक खाना का सेवन करे
  • पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें 
  • तनाव से ग्रस्त न रहें
  • शरीरीक उपचार करवायें 
  • प्याज के रस के प्रयोग से समस्या का समाधान निश्चित
  • सिर की हफ्ते में कम से कम 4 बार मालिश करें
  • पीसी हुयी मेथी का प्रयोग सरसों के तेल में गल करके  इसमें मिश्रित करके लगाये, आराम जरूर मिलेगा 

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