Common Odor Problem From Health Body – स्वास्थय शरीर से आने वाले सामान्य दुर्गन्ध की समस्या

Common Odor Problem From Health Body – स्वास्थय शरीर से आने वाले सामान्य दुर्गन्ध की समस्या
–आज हम health public से सम्बन्धित ऐसे विषय में Discuss करने जा रहे है जिससे कि लगभग 99% लोग इस समस्या से पीडित है, लडकी हो या लडका सभी के लियें ये common health problem है ।

ये समस्या है शरीर (health) से आने वाली दुर्गन्ध कि जो शरीर में होने वाला एक natural health effect है । यह समस्या बहुत ही सामान्य है लेकिन बहुत से लोग इस समस्या से इस स्तर तक पीडित होते है कि वो कभी कभी अपने आप को अपमानित महसूस करते है अगर क्यो भी दूसरा क्यक्ति उनको शरीर में आने वाली दुर्गन्ध के लियें कुछ भी बोलें ।

वैसे बहुत से public health blog में केवल इससे जुडी समस्या के समाधान के बारे में जिक्र किया गया है लेकिन बहुत ही कम लोग जानता है कि यें natural health problem है और शरीर में दुर्गन्ध का होना natural health reason है एवं इस समस्या का समाधान या कैसे इस शरारीक समस्या को manage (health care management) किया जा सके इसके बारे में आयें जाने ।

क्यों जरूरी है पसीना आना (What Sweat Comes in Body )-
विशेषज्ञ का कहना है कि पसीने की कोई एक निश्चित मात्रा निर्धारित करना असंम्भव है, पसीना शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों जैसे एल्कोहल, कोलेस्ट्रॉल और नमक की अतिरिक्त मात्रा को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करता है। पसीने में प्राकृतिक रूप से एंटी-माइक्रोबियल पेप्टाथाइड होता है, जो टीबी और दूसरे हानिकर रोगाणुओं से रक्षा करता है। हमें पसीना इसलिए आता है ताकि हमारे शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
हमारे शरीर का तापमान लगभग 98.6 डिग्री फैरनहाइट के आसपास ही रहना चाहिए। इसे नियंत्रण में रखने के लिए हमारे शरीर में कोई करीबन 25 लाख पसीने की ग्रंथियां पायी जाती हैं। ये ग्रंथियां एयर कंडीशनिंग का भी काम करती हैं। जब गर्मी बहुत बढ़ जाती है (चाहे वह बाहरी कारणों से हो या खान-पान की वजह से), तो शरीर को ठंडा करने के लिए इन ग्रंथियों से पसीने की बूंदें निकलना शुरू हो जाती हैं। जब पसीना हवा में सूखता है तो ठंडक पैदा होती है और हमारे शरीर का तापमान कम हो जाता है।

What is Sweat Glands in Body (क्या है शरीर में पाये जाने वाली स्वेद ग्रन्थि) –
अगर हम health care education की थोडी बात करे तो हमारे शरीर की पूरी सतह में लगभग हर जगह स्वेद ग्रन्थिं (Sweat Glands) पायी जाती है जिसका मुख्य कार्य शरीर के तापमान की नियंत्रण करना है और शरीर में उपस्थित अपषिष्ट पदार्थ को शरीर में आने वाले पसीना के जरिये बाहर निकलना है । लेकिन विशेष रूप से हाथों के गदेलियों, पैरों के तलवों, बगल और माथे में में पाए जाते हैं।, एवं इसी स्वेद ग्रन्थि को sweat glands या या पसीने के रूप में जाना जाता है जो शरीर को करने ठंडा करने का कार्य करता है और शरीर में उपस्थित अतिरिक्त नमक को पसीना के माध्यम से बाहर निकालने के लियें जिम्मेदार होता है। जब हम Sweat Lands या पसीने की बात करते हैं, तो यह मुख्य रूप से पानी के द्वारा बना होता है लेकिन इसमें विभिन्न तरह के अपषिष्ट पदार्थ जैसे नमक और कार्बनिक यौगिक भी होते हैं, यूरिया और अन्य अपशिष्ट उत्पादों की कुछ मात्रा भी इसमें शामिल होती है। बढ़ते तापमान की वजह से, शरीर में पसीने के रूप में सोडियम की कुछ मात्रा भी कम हो जाती है लेकिन जैसे ही व्यक्ति वापस उन परिस्थितियों या उस normal temperature में आ जाता है तो यह राशि कम हो जाती है। सोडियम की उपस्थिति पसीना या पसीना एक नमकीन स्वाद देता है। इस लेख में हम पसीने के ग्रंथियों और पसीने के लाभों के बारे में जानेंगे लेकिन इससे पहले पसीना ग्रंथियों मतलब कि Sweat Glands के वर्गीकरण के बारे में पढ़ सकते हैं।

Types of Sweat Glands in Body ( शरीर में पाये जाने वाली स्वेद ग्रन्थि के प्रकार ) –
जब स्वेद ग्रन्थि (Sweat Glands) के वर्गीकरण की बात करते है, तो स्वेद ग्रन्थि को मुख्यतः दो मुख्य प्रकार के होते हैं जो Eccrine Glands और Apocrine Glands होते हैं।

Eccrine Glands: Eccrine ग्रन्थि पूरे शरीर में वितरित होती हैं लेकिन ज्यादातर ये हाथों की हथेली, पैरों के तलवों और माथे में पाए जाते हैं। इन ग्रंथियां स्त्राव सीधे त्वचा की सतह पर निर्वहन होती हैं। उनका मुख्य कार्य शरीर के तापमान को विनियमित करना और शरीर से अपशिष्ट उत्पादों का विसर्जन मतलब कि नष्ट करना होता है। तापमान को विनियमित करने के लिए, शरीर की सतह पर आने वाली पसीना शरीर को बाहरी गर्मी से ठंडा करता है। यह शरीर में अतिरिक्त नमक और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स को खत्म करने में भी अत्यधिक मदद करता है ।

Apocrine Glands: Apocrine ग्रन्थि, ये ग्रंथियों शरीर के बगल के हिस्सों में पाए जाते हैं। ये ग्रंथियां Eccrine ग्लैंड्स से बड़ी हैं। ये ग्रंथियां एक स्त्राव उत्पन्न करती हैं जो प्रकृति में चिपचिपापन और बादल लाती है। जब शरीर की सतह की बात करे तो है तो यह स्त्राव वातावरण में बैक्टीरिया के साथ मिश्रित हो जाता है और एक गंध पैदा करता है जिसके लिए हम बगल में भिन्न प्रकार के Deodorants का भी उपयोग करते हैं। Apocrine Glands बगल के हिस्सों में होने में बाल के केशों के छिद्र में अपने स्त्राव का निर्वहन करता है। ये ग्रंथियां केवल एक व्यक्ति के युवावस्था प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू करती हैं।

स्वेद ग्रन्थि का कार्य क्या है? (what is the work of Sweat Grand) –
जैसा कि मैने बताया है, इन ग्रंथियों का प्राथमिक कार्य और मुख्य कार्य, शरीर के ताप को नियंत्रित करना है। उदाहरण के लिए, यदि शरीर के तापमान के बाहर मौसम बहुत गर्म हो जाता है तो पसीना ग्रंथियां यानि कि (Sweat Grand) शरीर से पसीना छोड़ देती हैं जो इसके फलस्वरूप शरीर को ठंडा करने का कार्य करती है। ये ग्रंथियां शरीर से उपस्थित अतिरिक्त नमक और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स को निकालने में भी उपयोगी होती हैं।

शरीर में पसीने के होने वाले लाभ क्या हैं? (what is the benefit of Sweat Grand in Body)
ये जानकर आपको आश्चर्य होगा कि शरीर में निकालने वाले पसीने से कुछ स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। आइये जाने इसके बारे में –

पसीना, एंडोर्फिन के उत्पादन में फायदेमंद है: जब कोई व्यक्ति जिम जाकर बहुत ज्यादा कसरत करता है या सूरज में तेज गति से चलता है तो इसका परिणाम ये होता है कि उसका शरीर में अत्यधिक पसीना का स्त्राव होता है। इससे एंडोर्फिन का उत्पादन बढ़ जाता है जो व्यक्ति को अपने बारे में अच्छा महसूस करता है।

पसीने के डिटॉक्सिफिकेशन लाभ: जैसा कि ऊपर बताया गया है, स्वेद ग्रन्थि के कार्यों में से एक कार्य शरीर में पायें जाने वाले अतिरिक्त नमक और अमोनिया, सोडियम, कोलेस्ट्रॉल और शराब सहित अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स को पूरी तरह से पसीना के माध्यम से बाहर निकालना है। इसका परिणाम शरीर में किसी भी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को समाप्त करना और इसलिए शरीर को detoxify करना है ।

पसीना निकालने से होने वाले कुछ विशेष लाभ –

गुर्दे में होने वाले पत्थर को खत्म करने में सहायक ( Helpful to Cure Kidney Stones Problem) –
पसीना, गुर्दे ( Kidney ) के खतरे को कम करने में अत्यधिक फायदेमंद होता है, पसीना भी गुर्दे (kidney stones ) के पत्थरों के जोखिम को कम करने में अत्यधिक सहायक है, क्योंकि वे शरीर में उपस्थित अतिरिक्त नमक से छुटकारा पाने में मददगार होते हैं और हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा बनाए रखने का कार्य करता हैं जिसके परिणामस्वरूप गुर्दे में नमक और कैल्शियम की मात्रा कम हो जाती है । इसलिए, पसीना गुर्दे के पत्थरों के खतरे को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि गुर्दे के पत्थरों को रोकने के लिए (To Stop Kidney Stones Problem) बहुत सारे पानी और तरल पदार्थ पीने के लिए सिफारिश की जाती है।

बीमारियों को रोकने में पसीने के लाभ से यह साबित हुआ है कि पसीना को एंटीमिक्राबियल पेप्टाइड्स कहा जाता है जो बैक्टीरिया, वायरस और कवक से लड़ने में बहुत प्रभावी होते हैं जो इन जीवों के कारण विभिन्न बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं।

पसीने की समस्या (sweat problem in body)-
पसीना आना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है, कुछ लोग के पसीना बहुत कम और कुछ लोग के बहुत ज्यादा निकलता है लेकिन जब पसीना बहुत ज्यादा आने लगे तो यह एक समस्या के रूप में सामने आती है। ज्यादा पसीना आने से इससे होने वाली शरीरिक बदबू भी काफी परेशान का कारण बनती है। अगर आप भी अधिक पसीने की समस्या से परेशान हैं तो जानिए इस पर काबू पाने के आसान उपायों के बारे में।

कैसे रोकें sweat smell – 

बेकिंग सोडा का प्रयोग करे – नहाने के तुरन्त बाद थोड़ा सा बेकिंग सोडा की मात्रा लेकर पानी के साथ मिला कर अपने अंडरआर्म और शरीर पर लगायें । इसके बाद उसे साफ तौलिये से पोंछ लें। जिससे कि शरीर की दुर्गन्ध नष्ट हो जायेगी ।

साफ-सफाई का खयाल का ख्याल रखना – 

साफ सफाई का खास खयाल रखना ही सबसे जरूरी बात होती है। जिससे पसीने को रोकने में बहुत मदद मिलती है। इससे पर्सनल हाइजीन होती है और आपकी त्व चा भी संक्रमण और बीमारी से बचती है। जैस की नहाते समय –
1. पानी में Antiseptic Liquid ( डिटाल ) या मिलायें
2. पानीं में नीबू के रस निचोडकर कर उससे नहायें, पूरा दिन तरोतजा महसूस करेंगे

खीरे का प्रयोग करने से शरीरिक दुर्गन्ध नही आती –

नहाने के बाद अपने आर्मपिट पर खीरे की स्लाकइस की धीरे धीरे रगड़े। खीरे में एंटीऑक्सीीड़ेंट नामक नाम का तत्व होता है जो कि शरीर से बैक्‍‍टीरिया का नाश करके बदबू को आने से रोकता मे सहायक होता है।

 

आहार पर विशेष ध्यान देंने की जरूरत – हरी सब्जियों का प्रयोग करे जैसे कि – खीरा, पुदीना, संतरा, तरबूज, मौसमी का सेवन करें, ये प्यास बुझाने वाले होते हैं, क्योंकि इसमें सोडियम और कैलोरी की मात्रा काफी कम और एंटी ऑक्सीडेंट, कैल्शियम तथा विटामिन ए काफी मात्रा में होते हैं, और मसाला दार खान पान से बचें ।

पानी ज्यादा पीएं – 
अधिक मात्रा में पानी, जूस के तरल सेवन से शरीर में आने वाली गंध की मात्रा कम होती है। सुबह खाली पेट 1 गिलास पानी 500 मिलीग्राम व्हीट ग्रास के साथ सेवन करें। इसमें उपस्थित क्लोरोफिल की मात्रा शरीर की गंध को कम करती है।

कपडों के रंगों का सही चुनाव करें –
कपडे को खरीदते समय रंगों का चयन ठीक प्रकार से करें। काले रंग में गरमी अधिक लगती है, पसीना भी अधिक निकलता है आप को कूल कलर पहनने चाहिए। जिन में सफेद और नीले रंग अधिक लाभदायक होते है।

कुछ प्राकतिक आहार का सेवन करके आप पसीने की दुर्गन्ध को दूर कर सकते है –

1- टमाटर का जूस का सेवन करना (Use of Tomato Soup) – अगर आपको हर मौसम में पसीना आता है और गर्मियों के मौसम में हद से ज्यादा पसीना आता है तो आप रोजाना टमाटर के जूस का सेवन करें।
2- ग्रीन टी का सेवन करना (Use of Green Tea) – ग्री टी सिर्फ आपके शरीर के वजन को संतुलित ही नहीं रखती बल्कि इसके प्रयोग से आप अतिरिक्त पसीने को भी खत्म कर सकते है। आपको रोजाना 1 कप ग्रीन टी जरुर पीनी चाहिए।
3- आलू के टूकड़े (Use of Potato Peace)- इसके अलावा पसीने को दूर भगाने के लिए आलू बेजोड़ उपाय है। ये एक ऐसा प्राकृतिक तरीका है जिसकी मदद से आप कई समस्याओं को दूर कर सकते है। आप नियमित रूप से दिन में दो बार आलू के स्लाइस को काटकर बगलों में रगड़े। इससे आप को पसीना कम आएगा और बगलों में से आने वाली बदबू भी कम हो जाएगी।
4- नींबू का रस और नमक का पानी का सेवन (use of Lemon Liquid or Salt Liquid)- ज्यादा पसीने को आने से रोकने के लिए आप नींबू के रस में कुछ चुटकी नमक मिला लें। आप इस मिश्रण को हाथों पर लगा लें इसे लगाने से ग्रंथियां धीमी पड़ जाती है और अतिरिक्त पसीना आने की समस्यां कम हो जाती है।