home remedies for treatment of fibromyalgia syndrome pain relief – फाइब्रोमाएल्जिया सन्ड्रोम दर्द से राहत पाने के लियें घरेलू उपचार

शरीर के जोड़ो मे दर्द होना इन दिनों आम बात है, लेकिन हम बात से अनजान है कि कमर के ऊपर और नीचे की सारी माँसपेशियों में दर्द होना कोई साधारण बात नही है, ये fibromyalgia यानि कि फाइब्रोमाएल्जिया के लक्षण भी हो सकते है जिसमें कि शरीर की जोड़ो में छूने मात्र से दर्द होने लगता है । यह दर्द अतयन्त पीड़ा दायक होता है, फाइब्रोमाएल्जिया का इलाज (treatment of fibromyalgia) सम्भव तो नही है लेकिन कुछ व्यायाम करके या योगा के माध्यम से फाइब्रोमाएल्जिया से होने वाले दर्द मतलब कि fibromyalgia pain relief की समस्या से कुछ हद तक राहत पा सकते है ।

अगर आप फाइब्रोमाइल्जी से पीडित है तो आपके शरीर में दर्द तो होता ही है और छूने पर भी दर्द होता है। फाइब्रोमायल्गिया (fibromyalgia) या फाइब्रोमाइल्जी एक लम्बे समय तक रहने वाली एक ऐसा विकार है जो मांसपेशियों में दर्द और थकावट (थकान महसूस कर रही है), नीद में कठनाई होना, याददाश्त कमजोर होना जैसे प्रमुख कारण हो सकता है। आप दवाओं का कम सेवन कर, जीवन शैली में परिवर्तन कर और पूरक चिकित्सा के साथ फाइब्रोमायल्गिया (fibromyalgia) का इलाज करने में सक्षम हो सकते है ।

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फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द) के लक्षण ( Symptoms of fibromyalgia )
1. कमर के ऊपर और नीचे की सारी माँसपेशियों में दर्द का होना।
2. थकावट महसूस करना ।
3. नींद में कठिनाई होना ।
4. सुबह शरीर में जकड़न रहना ।
5. माँसपेशियों का बंध जाना, ऐंठन और कमजोरी महसूस होना।
6. पाचन सम्बन्धी समस्या का होना।
7. सिरदर्द की समस्या होना ।
8. संतुलन में समस्या होना ।
9. त्वचा में खुजली/जलन की समस्या होना ।
10. हाथों और पैरों में झुनझुनी, सनसनाहट या सूजन होना ।
11. भूलना या कमजोर एकाग्रता का होना यानि की याददाश्त कमजोर होना ।
12. मूत्रत्याग की आकस्मिक आवश्यकता का अनुभव, विशेषकर रात्रि में यह समस्या होना ।
13. कष्टयुक्त या असहज आंतें यानि कि कब्ज और पेट में दर्द का लगातार बने रहना
14. दर्द्युक्त मासिक चक्र का होना

रोचक तथ्य – fibromyalgia एक ऐसा विकार है जिससे कि महिलायें पुरषों की अपेक्षा सबसे ज्यादा ग्रसित होती है, fibromyalgia का इलाज (treatments of fibromyalgia) संभव नही है लेकिन कुछ घरेलु व प्राकतिक उपचार करके इस विकार से राहत पायी जा सकती है, जैसे कि – योगा करना, खानपान से संतुलन करना, पौष्टिक आहार लेना

फाइब्रोमाएल्जिया के कारण – ( causes of fibromyalgia )
फाइब्रोमाएल्जिया के कारणों की बात करे तो, इसका कोई विशेष कारण अभी तक मालूम नही हुआ है , लेकिन इसमें कई तरह के कारण होते है, जैसें कि :
अनुवांशिकता – यह रोग आनुवांशिक होता है , यदि आपके परिवार में कोई व्यक्ति फाइब्रोमायल्जिया का रोगी है, तो इस रोग का अपने शरीर में विकसित होना का जोखिम अधिक है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस समस्या में कुछ आनुवंशिक बदलाव ही इस रोग को विकसित करने में सहायक हो सकते है हालांकि उन जीनों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

संक्रमित विकार का होना – यानि की यह विकार संक्रमित कारणों से भी आपको या आपके शरीर को प्रभावित कर सकता है, अगर आप पहले भी किसी भी बीमारी से ग्रस्त है तो उपयुक्त बीमारी से भी फाइब्रोमायल्जिया होने का खतरा हो सकता है या इसके लक्षणों को बिगाड़ सकता है ।
शारीरिक या मानसिक आघात का होना – ऐसे लोगो से जो शारीरिक या भावनात्मक आघात का से पीडित है इन लोगों को फाइब्रोमायल्जिया हो जोखिम हो सकता है। इस स्थिति को पोस्ट ट्रोमैटिक तनाव विकार के नाम से जाना जाता है।

तनाव का होना – , किसी भी तरह का तनाव होना आपके शरीर में महीनों और वर्षों तक प्रभाव कर सकते हैं, तनाव का होना , हार्मोनल में होने वाली गड़बड़ी से जोड़ा गया है जो कि फाइब्रोमायल्जिया का एक और कारण हो सकता है।

फाइब्रोमाएल्जिया क्या है? (what is the Joint & Muscle Pain or fibromyalgia)
फाइब्रोमाएल्जिया एक प्रकार का ऐसा विकार है जो कि लम्बे अवधि तक आपके शरीर को अपने प्रभाव यानि की माँसपेशियों, हड्डियों में होने वाले दर्द से प्रभावित करता है । लेकिन इस विकार की लक्षणों को जैसे कि माँसपेशियों और हड्डियों में फैले हुए दर्द, थकान और पीड़ा का होना जैसे अनेक बिन्दुओं द्वारा पहचाना व समझा जा सकता है। महिलाये इस विकार से पुरुषों के मुकाबले अधिक प्रभावित होती है। इसको फाइब्रोमाएल्जिया सिंड्रोम, फाइब्रोमायोसाईटिस और फाइब्रोसाईटिस के नाम से भी जाना जाता हैं।

रोचक तथ्य – fibromyalgia syndrome रोग से होने वाले दर्द दिन में अधिकतर समय तक व अधिकतर दिनों के लियें बना हुआ होता है, और ऐसा कम से कम तीन महीनों से हो रहा होता है ।

फाइब्रोमाएल्जिया का जाँच और परीक्षण (fibromyalgia Checkup) –
वर्तमान समय में फाइब्रोमाएल्जिया चेकअप से सम्बन्धित कोई प्रयोगशाला जांच उपलब्ध नही है, लेकिन कुछ घरेलु उपचार या अपने कुछ महत्वपूर्ण बातें जो कि शरीर के स्वास्थय के प्रति लाभदायक है, को अपनी जीवनशैली मे अपनाने पर इन विकारों के प्रभाव से राहत जरूर पाया जा सकता है ।

कुछ ऐसे उपचार भी है जिनकों शरीर में पीड़ादायक बिन्दुओं के सटीक मानवीय परीक्षण के आधार पर किया जाता है ।

फाइब्रोमाएल्जिया विकार से बचने के लियें करें परहेज, ले ये आहार (To Prevent Fibromyagia take these foods )
• अनाज का सेवन करें – अनाज के सेवन करने से अनाज में उपस्थित विटामिन के श्रोत शरीर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते है जिससे कि इस विकार से कुछ हद तक निजात पाया जा सकता है ।
• फल जैस कि – सेब, अंगूर, क्रेनबेरी और स्ट्रॉबेरी का सेवन करें जिससे कि पाचन शक्ति मजबूत रहे
• सब्जियाँ – जैसे कि गाजर, पत्तागोभी, फूलगोभी, टमाटर, गहरी हरी पत्तेदार – शरीर के पाचन शक्ति के साथ शरीर को स्वास्थय बनाने में अहम भूमिका निभाती है ।
• प्रोटीन युक्त पदार्थ का सेवन करान जैसे कि – पोल्ट्री, मछली, लीन मीट या सुखाई हुई फलियाँ ।
डेरी उत्पाद भी सहायक होता है इस विकार की रोकथाम के लियें (कम-वसा वाला दूध, पनीर, और दही)।
• प्याज, लहसुन, अदरक और हल्दी आदि प्राकतिक संसाधनो के उपयोग करने से इस विकार से दूरी बनायी जा सकती है ।

फाइब्रोमाएल्जिया विकार से बचने के लियें न करें ये आहार – (avoid such type of foods to prevent Fibromyagia )
• उच्च कैलोरी के आहार को मत ले
• तले हुए आहार या जिनमें उच्च संतृप्त वसा होती है, ऐसे पदार्थों के सेवन से दूरी बनायें रखें
• रिफाइंड शक्कर और कैफीन व अन्य तरह के तैलीय पदाथों के सेवन से बचें
• सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद के सेवन से बचने की कोशिश अवश्य करें ।