how to manage normal cholesterol levels in body – जाने शरीर में कैसे कोलस्ट्राल के स्तर को सामान्य रखा जाय

cholesterol kya hota hai, ये जानना सबसे जरूरी है, क्यों कि आजकल लोगों को ये समझना मुश्किल होता है कि शरीर मे normal levels of cholesterol  क्या होना चाहिये, जो कि शरीर के लियें आवश्यक हो । कोलेस्ट्राल एक मुलायम मोम जैसा चिपचिपा पदार्थ होता है जो शरीर की रक्त शिराओं व कोशिकाओं में पाया जाता है। शरीर में cholesterol का होना एक बहुत सामान्य बात है,  यह शरीर के लिए अत्यन्त आवश्यक होता है, जिससे कि शरीर सुचारू रुप से कार्य करने मे सक्षम हो जाता है । शरीर में लगभग 80% cholesterol, लीवर  के द्वारा बनाया जाता है और बाकी total cholesterol को हमारे द्वारा लिया गया भोजन से मिलता है ।

कोलेस्ट्राल मुख्यतः  High-density lipoprotein cholesterol (हाई डेन्‍सिटी लाइपो प्रोटीन्‍स ) एवं  Low-density lipoprotein cholesterol  (लो डेन्सीटी लाइपो प्रोटीन्‍स) दो प्रकार के होते हैं। एचडीएल यानि high cholesterol को कोशिकाओं से दुर वापस लिवर में ले जाने का कार्य करता है जिससे कि कोलस्ट्राल या तो लिवर में टूटकर अलग अलग हो जाता है या व्यर्थ पदार्थो के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है, इसीलियें लोग इसको अच्छे कोलस्ट्राल के नाम से जानते है, जब कि इसका विपरीत एलडीएल यानि कि lower cholesterol का कार्य  कोलस्ट्राल को लिवर से सीधे कोशिकाओं में ले जाना है और इसके बाद लिवर में वापस नही ले जाती है और ये कोशिकाओं में इकटठा होने लगता है, जिससे कि कोलस्ट्राल की मात्रा कोशिकाओं में बढती जाती है, जिससे कि गम्भीर बीमारियों जैसे – कोरोनरी हार्ट डिसीज और स्ट्रोक को जन्म देता है ।  आइये जानें क्‍या होते हैं गुड़ और बैड कोलेस्ट्रोल और हमारे शरीर में इनकी क्या भूमिका होती है।

रोचक जानकारी – क्या आपको मालूम है कि । शरीर में लगभग अस्सी प्रतिशत cholesterol, लीवर  के द्वारा बनाया जाता है और बाकी मात्रा को हमारे द्वारा लिया गया भोजन से मिलता है ।

What is lower cholesterol and high cholesterol ?

High-density lipoprotein cholesterol (हाई डेन्‍सिटी लाइपो प्रोटीन्‍स या Good cholesterol) –

मानव शरीर रक्त में पाये जाने वाले high cholesterol की मात्रा लगभग 25 से 30% होती है और इसको Good cholesterol के नाम से जाना जाता है क्यो कि शरीर में इस कोलेस्ट्राल की मात्रा अधिक होने पर ये हमें दिल के दौर से बचाती है उस डॉक्टरों का ऐसा मानना है कि यह धमनियों से Bad cholesterol को हटाने में मदद करता है जिससे वे ब्लॉक न हो पाएं।

High-density lipoprotein cholesterol (हाई डेन्‍सिटी लाइपो प्रोटीन्‍स या Good cholesterol) –बैड मानव शरीर रक्त में Bad cholesterol की मात्रा लगभग 1% से 70% तक होता है जिसका बढ़ना शरीर में कोलस्ट्राल की मात्रा को बढाता है जो कि बहुत ही नुकसानदायक है। इसमें प्रोटीन की मात्रा कम और फैट की मात्रा अधिक पायी जाती है। जब इसकी खून में मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है तो यह हृदय और मस्तिष्क की धमनियों को यह ब्लॉक कर देता है। ऐसे में दिल का दौरा, धमनियों में रुकावट या स्ट्रोक जैसी समस्याएं का सामना हो सकता है। ऐसी स्थिति में cholesterol management को नियंत्रित करना बहुत ही जरूरी होता है।

रोचक जानकारी – क्या आपको मालूम है कि बादाम, बीन्स और दलहन बीन्स शरीर में Good cholesterol की मात्रा को बढ़ाते हैं जो शरीर में फैट और बैड कोलेस्ट्राल को कम करने में मदद करता है।

Important of cholesterol management in life – ( जीवन में कोलेस्ट्राल को नियंत्रित रखने का महत्व)

कोलेस्ट्राल को नियंत्रित रखना ही हमारी जीवनशैली और खानपान की अहम भूमिका में निर्भर होता है। low cholesterol (लो डेन्‍सिटी लिपोप्रोटीन) सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। लोगो को अपनी डाइट में सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहियें क्यों कि उनमें एलडीएल कोलेस्ट्राल बढ़ने का खतरा सबसे ज्यादा पाया है। अगर आप low cholesterol levels को रोकना चाहते हैं तो सबसे पहले सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और हाई कोलेस्ट्राल वाले भोजन को अपनी खुराक से हटाने का प्रयास करें । तले-भुने भोजन, फास्ट फूड आदि में भी इस तरह के high cholesterol food मे फैट ज्यादा मात्रा में पाये जाते हैं इसलिए इनका कम से कम सेवन करें। अपने वजन को नियंत्रित करने का प्रयास जरूर करें, व्यायाम अवश्य करें।

कोलेस्ट्राल की मात्रा कम करने के लियें कुछ ध्यान रखने योग्य बातें –

  1. सुस्त जीवन शैली को त्यागकर आदत बदलें और व्यायाम करें
  2. high cholesterol food वाले फास्टफूड से बचने से कोशिश करें
  3. मछली या मछली के तेल में ओमेगा-3 भरपूर होता है इसलियें मछली का सेवन करें
  4. ताजी सब्जियों, फल, सोयाबीन आदि का सेवन भी लाभदायक होता है

 

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