no age limit to be diabetic – किसी भी उम्र में हो सकते है diabetes के शिकार

समय के साथ जैसे जैसे लोगों के पास खुद के स्वास्थय को सुरक्षित रखने के लियें समय नही , वैस ही दिनो दिन तरह तरह की खतरनाक बीमारियों का भी नाम सुनने में आ रहा है उनमें से एक खतरनाक बीमारी Diabetes (मधुमेह) है जिसको आनुवांशिकी रोग (Genetic Decease ) भी कह सकते है । Diabetes जिसे मधुमेह या आम भाषा में इसें sugar ki bimari (शुगर की बीमारी) के नाम से भी जाना जाता है ।

सबसे जरूरी और जानने योग्य वाली बात यह है कि ये Diabetes Decease (मधुमेह बीमारी) किसी भी उम्र के लोग को हो सकती है ।कहने को तो ये एक बहुत ही आम बिमारी है लेकिन उससे कही ज्यादा खतरनाक भी है. भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति diabetic problem से पीडित है ।
भारत में, diabetes treatment ना करा पाने के कारण करीब हर साल 27000 बच्चे मधुमेह जैसे खतरनाक बीमारी का शिकार होकर मर जाते हैं । भारत में हर 5 में से 1 इंसान diabetes  से प्रभावित है ।

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अगर हम diabetes को control ना कर पायें तो ये heart-attack, blindness, stroke (आघात), या kidney failure जैसी गम्भीर बीमारियों के शिकार हो सकते है ।

Diabetes जैसी खतरनाक बीमारियों को संतुलित करने के लियें सबसे जरूरी बात diabetes diet

का ध्यान रखना होता है किस प्रकार हम अपने खान-पान मे ध्यान दे मतलब कि diabetes diet management (खानपान का तरीका) हमेशा बिल्कुल संतुलित होना चाहिये, उतना ही आहार ले जितना स्वास्थय के लियें जरूरी हों ।

नोट- विश्व स्वास्थ्य संगठन की सर्वे के मुताबिक दुनियां भर में करीबन 422 million लोग डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी की समस्या से पीड़ित है जिसमे करोड़ो लोग भारत में से है ।

What is Diabetes ? – मधुमेह क्या है – बहुत आसानी से समझने की कोशिश करेंगे, जैसे कि हम जब खाना खाते है तो खायें हुये पदार्थ या खाघपदार्थ से ग्लूकोज energy के रूप में प्राप्त होता है, जो कि  हमारे शरीर में मौजूद लाखों cells में जाकर उनको energy प्रदान करता है और यह तभी संभव है जब हमारा pancreas (अग्न्याशय) पर्याप्त मात्रा में insulin produce करता रहे, insulin (हार्मोन) के बिना शरीर में मौजूद लाखों cells में energy नहीं पहुचायी जा सकती ।

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इस प्रकार अगर खून में ग्लूकोज की मात्रा बढती जाती है, जिससे कि हम Diabetic Problem से ग्रसित होते चाले जाते है और इस बीमारी को Diabetes (मधुमेह) कहते है ।

What is Symbol for Diabetes ? – A blue circle – ये circle, Universal साकेंतिक चिन्ह है, जो कि Diabetes रोग को दर्शाता है ।

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Is it Genetic Problem ? –  क्या Diabetes एक आनुवंशिक रोग भी हो सकता है ?  ये बात बहुत से लोगों के मन भी रहना स्वाभाविक है । जी हां, डायबिटीज एक आनुवंशिक रोग भी हो सकता है जो कि Genetic Disorders  का कारण हो सकता है । जिससे भी  Diabetic होना स्वाभाविक है ।

Types of Diabetes Diabetes के प्रकार की बात करे तो ये दो प्रकार के होते है –

Type 1 Diabetes –  यह तब होता है जब शरीर में  insulin बनाना बंद हो जाता है तो ऐसे में मरीज को बाहर से इंसुलिन देनी पड़ती है, इसे  insulin-dependent diabetes mellitus या IDDM के नाम से भी जाना जाता है ।

Type 2 Diabetes – Type 2 diabetes: यह तब होता है जब आपके शरीर में cells produce हो रही होती है परन्तु यह इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं करते मतलब कि इन्सुलिन की मात्रा इतनी अधिक नही होती है कि ग्लूकोज को energy में परिवर्तित करके लाखों cells में भेज सकें,  इसे non-insulin-dependent diabetes mellitus, NIDDM के नाम से जाना जाता हैं ।

नोट – Type 1 diabetes में एक Gestational diabetes नाकम बीमारी भी होती है जो प्रायः type 1 decease की होती है और ये उन गर्भवती महिलाओं को होता है उन्हें पहले कभी diabetes ना हुआ हो । ऐसा pregnancy के दौरान खून में ग्लूकोज़ की मात्रा (blood sugar level) आवश्यकता से अधिक हो जाने के कारण के होता है ।

Genuine Fact of Diabetes – डायबिटीज से जुडे कुछ रोचक तथ्य

  • Diabetes से ग्रस्त लोग स्वस्थ्य लोगों की अपेक्षा 5 – 10 साल पहले ही मर जाने की सम्भावना होती हैं
  • Type 2 Diabetes सबसे ज्यादा common form of Diabetes है जिसकी अधिकता लोगो में ज्यादा पायी जाती है
  • Diabetes किसी भी age group के लोगों को हो सकता है, बच्चों को diabetic problem से ग्रस्त हो सकते है
  • भारत में हर 5 में से 1 इंसान diabetes से प्रभावित है

CAUSES OF DIABETES – डायबिटीज के कारण –

डायबिटीज होने के कई कारण हो सकते है लेकिन इसमें जो दो मुख्य कारण है वो है –

Genetic (अनुवांशिक) – डायबिटीज एक अनुवांशिक रोग भी है जो कि genetic disorders का एक हिस्सा है जिससे कि किसी के माता पिता को डायबिटीज है तो उनके बच्चो हो भी मधुमेह होने की सम्भावना सबसे ज्यादा होती है ।

अव्यवसथित खान पान और मोटापा का होना (Disorders of food ) – शरीर में जितना ज्यादा वसा (fat) की मात्रा होगी उतना ज्यादा डायबिटीज होने का खतरा बढ जायेंगा ।   जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड जैसे खाधपदार्थ को खाने पर इसमें वसा की मात्रा अधिक होने के कारण ये हमारे शरीर के अन्दर भी धीरे धीरे करके बढाता चला जाता है जिससे कि  मधुमेह होने की सम्भावना ज्यादा हो जाती है, और मोटापा बढ़ता चला जाता है जिसके कारण इन्सुलिन उस मात्रा में नहीं बन पाता जिससे शरीर में शुगर लेवल में बढ़ोतरी होती है, और लोग धीरे धीरे करके मधुमेह पीडित हो जाते है ।

डायबिटीज होने के अन्य कारण और भी है, जो निम्नवत है –

  1. ज्यादा शारीरिक परिश्रम न करना (Not to Do Physical Work More)
  2. मानसिक तनाव और डिप्रेशन (Depression)
  3. गर्भावस्था (Pregnancy)
  4. ज्यादा दवाइयों के सेवन (use of more medicine)
  5. ज्यादा चाय, दूध, कोल्ड ड्रिंक्स और चीनी वाले खाने के सेवन (use of much milk, cold drink, sugar, tea)
  6. धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन (Smoking & Drinking)

मधुमेह की जांच कैसे की जाय – test for levels of sugar

  1. मधुमेह की जांच के लिए मूत्र या खून की जाँच करवायी जाती है जिसके जरिये शरीर में उपस्थित sugar की मात्रा का पता लगाया जाता है ।
  2. डायबिटीज की जांच को दो हिस्से में बाटा जाता है – खाली पेट और खाना खाने के बाद.

खाली पेट – खाली पेट खून में शुगर कि 80 से 120 mg/dl तक की मात्रा एक नार्मल इंसान में पाई जाती है. अगर मात्रा 120 से 140 mg/dl तक के बीच में हो तो यह डायबिटीज की शुरुआती अवस्था मानी जाती है और मात्रा अगर 140 mg/dl से ज्यादा पाई जाती है तो यह डायबिटीज की जड़ की अवस्था मानी जाती है.

खाना खाने के बाद- खाना खाने के बाद शुगर की सामान्य मात्रा 140 से 160 mg/dl होनी चाहिए।

नोट ब्लड शुगर का चेकअप हमेशा खाली पेट ही करवाना चाहिए इसके लिए आपको 8 से 10 घंटे भूखे रहना चाहिए।

Symptoms of Diabetes Decease डायबिटीज बीमारी के लक्षण –

  1. अधिक प्यास या भूख लगना
  2. अचानक वज़न का घट जाना
  3. लगातार कमजोरी और थकावट महसूस करना
  4. घाव भरने में ज्यादा वक़्त लगना
  5. बार-बार पेशाब होना
  6. चीजों का धुंधला नज़र आना
  7. त्वचा में संक्रमण होना और खुजली होना

Treatment for Diabetes Deceaseडायबिटीज बीमारी के इलाज

  1. नियमित रूप से blood sugar की जांच करवाना
  2. खानपान पर परहेज करना ही एक मात्र और अच्छा विकल्प है डायबिटीज को संतुलित करने के लियें, असावधानी बाद में घातक भी साबित हो सकती है जिसका परिणाम बाद में blindness, amputation या dialysis जैसी खतरनाक बीमारियों का से हो सकता है.
  3. बिना डॉक्टर के सलाह के दवाओं के सेवन को ना करें, और के बताये हुए समय पर दावा अवश्य लें ले
  4. स्वस्थ खाएं और active रहे. व्यायाम करके इस समस्या को काफी हद तक control किया जा सकता है
  5. भरपूर मात्रा में नीद जरूर लें और शरीर को आराम दे.
  6. सुबह या शाम को टहलने की आदत डाय़बिटीज को संतुलित करने में अधिक सहायक होती है, इसीलिये जितना अधिक से अधिक हो सकते सुबह हो या शाम जरूर टहलें ।
  7. डायबिटीज के रोगियों को कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati pranayama), अनुलोम विलोम और मंडूकासन करने की सलाह दी जाती है.
  8. डायबिटीज के रोगियों को तनाव से बचना चाहियें

Diabetes Diet Managementडायबिटीज खानपान व्यवस्था – स्वस्थ खाघ पदार्थो का सेवन कर और physical activity  को बढ़ा कर हम टाइप २ मधुमेह को 80 % तक रोक सकते है ।

वैसे हम ऐसे food की बात करे जो कि diabetics के लियें बहुत अच्छे माने जाते हो – मतलब कि (food for diabetics) जैसे कि – नमक , मीट, मछली ,अंडा ,अल्कोहल, चाय,कॉफी, शहद , नारियल, अन्य नट, unsweetened जूस ,sea food ,इत्यादि.

 इसके अलावा Diabetes में किन खाने-पीने की चीजों का सेवन कर सकते है वो निम्नवत है :

  1. खूब पानी पीएं
  2. अंगूर,अनार का रस पीना चाहियें
  3. केला,सेब, अंजीर, काली बेरी, कीवी फल, खट्टे,फल का सेवन करें
  4. ककड़ी, सलाद पत्ता, प्याज, लहसुन ,मूली,टमाटर, गाजर, पत्तियों, पालक शलजम, गोभी और रंगीन सब्जियों का अत्यधिक सेवन करें
  5. बिना शक्कर फलों के रस, कच्चा केला,कच्ची मूंगफली, टमाटर, केले,खरबूजे, सूखे मटर, आलू, सेब साइडर सिरका, स्किम्ड दूधपाउडर, गेहूं,दलिया, बादाम, मटर का सेवन करना स्वास्थय के लिये लाभदायक
  6. अनाज,छोला, बंगाल चना , काला चना,दाल , मकई , सोया अंकुरित फलियां, रोटी,गेहूं की भूसी, whole grain bread,मट्ठा, दही, इत्यादि का सेवन है लाभदायक

 Diabetes में किन खाने-पीने  की चीजों को avoid करना चाहियें – :

  1. धूम्रपान करने से बचें
  2. चीनी, मिठाई,ग्लूकोज, मुरब्बा, गुड़, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री, मीठा बिस्कुट,चॉकलेट जैसी खाघ पदार्थों के सेवन से बचें
  3. शीतल पेय, गाढ़ा दूध, क्रीम,तला हुआ भोजन,मक्खन, घी जैसी कोई भी ऐसे खाघ पदार्थ का सेवन न करे जिससे कि शरीर मे वसा की मात्रा बढे
  4. हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल, सफेद आटा,जंक फूड, कुकीज़, डिब्बा बंद और संरक्षित खाद्य पदार्थ, इत्यादि. का सेवन न करे

What is Role of Test Strips In Diabetes?Diabetes में Test Strips क्या भूमिका होती है – मधुमेह से पीडित व्यक्ति के लियें ये बहुत अच्छी बात है कि Diabetes Checkup करना अब और भी आसान हो जायेगा Test Strips के माध्यम से, मतलब ये है कि Test Strips का प्रयोग करके हम blood sugar की जांच असानी से कर सकते है ।

blood glucose monitors – ब्लडशुगर को लगातार या बार बार चेक करने के लियें बहुत से नयी तकनीकी वाली मशीनों और उपकरणों का इस्तमाल किया जा रहा है, जिसमें कि Test Strip का प्रयोग करके  ब्लडशुगर नापने वाली मशीन से blood glucose को monitors किया जा सकता है ।

 November 14 को World Diabetes Day के रूप में जाना जाता है. आज ही के दिन Fredrick Banting का जन्म हुआ था जिन्होंने Charles Best के साथ मिलकर सन 1922 में insulin की खोज की थी  ।

नोट – बिना किसी डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवाई न ले.